स्टीविया: जादुई औषधि पौधा बढ़ा सकता है किसानों की आय!

stevia farming
ये प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है, अगर इसके मिठास की तुलना चीनी से की जाए तो यह 300 गुना अधिक मीठा होता है l

क्या है स्टीविया?

स्टीविया एक औषधीय पौधा है I ये प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है, अगर इसके मिठास की तुलना चीनी से की जाए तो यह 300 गुना अधिक मीठा होता है I इसकी मिठास का सबसे अधिक लाभ यह है कि जो व्यक्ति शुगर रोग से पीड़ित हैं, या जिनको शुगर की बीमारी का खतरा अधिक होता है और जो व्यक्ती मोटापे का शिकार हैं या मोटे होने के डर से मीठा नहीं खाते, उन लोगों को इसके सेवन से किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होता है I 

इस पौधे द्वारा बनाया गया कोई भी व्यंजन या पेय शुगर रोगी और मोटापा ग्रस्त लोगों के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित है I शुगर रोगी अगर इसका उपयोग करते हैं तो इसमें मोजूदा पदार्थ उनके इंस्युलिन के लेवल को कायम रखता है और उनकी शुगर की समस्या को कम करता है I इसी प्रकार जो मोटापा ग्रस्त लोग हैं उनके लिए भी ये वरदान समझा जाता है क्योंकि इसमें कैलरी नहीं होती है जिस कारण ये मोटापा कम करने में भी सहायक होता है I 

स्टीविया का प्रयोग:

इसके प्रयोग करने के बहुत से तरीके हैं I 

इसकी हरी पत्तियों को चाय में डाल कर लिया जा सकता है,  अथवा इनको छाया में सुखाने के पश्चात् चूर्ण बना कर उसका प्रयोग किसी भी पेय या व्यंजन बनाने में किया जा सकता है I 

मशीन द्वारा इसमें से तरल पदार्थ भी निकाला जाता है जिसका उपयोग किसी भी पेय, व्यंजन आदि में किया जा सकता है I 

जिस प्रकार गन्ने, चुकंदर आदि से चीनी बनाई जाती है ठीक वैसे ही इस पौधे से भी चीनी बनाई जाती है l 

इसकी खेती कैसे करें?

सबसे पहले बात करते हैं इसके लिए उपयुक्त मिट्टी और पौधे के चयन की l

इसकी खेती के लिए 6.5 – 8 pH वाली मिट्टी सबसे उत्तम बतायी गयी है l

भारत में बहुत समय से इस पौधे पर रिसर्च चल रहा है और इसकी बहुत सी उन्नत किस्मों को विकसित किया गया है, जो कि भारत के अलग अलग प्रांतों के हिसाब से विकसित की गई हैं I तो अगर आपको इसकी खेती करनी है तो अपने क्षेत्र के अनुकूल प्रजाति का ही चयन करें, जिससे कि भविष्य की हानि से बचा जा सके l 

किसानों को एक बात का विशेष ध्यान रखना है कि वो जो पौधे ले रहे हैं वो टिशू कल्चर के पौधे होने चाहिए और उनमें स्टिवियोसाइड की मात्रा 9% या उससे अधिक होनी चाहिए । स्टिवियोसाइड ही वो पदार्थ है जो इसको मीठा बनता है l 

साथ ही, स्टीविया एक बार लगाने पर 5 साल तक चल सकता हैl इसमें पानी की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती है और कोई रोग आदि भी नहीं आता जिस कारण इसमें लागत का खर्चा भी कम हो जाता है l

ये छोटा पौधा होता है इसकी लंबाई 2.5 फीट के करीब तक बढ़ती है जिस कारण ये बड़ी मात्रा में हमें लगाने होते हैं l 

एक हैक्टेयर में करीब 40000 पौधे लगाए जाते हैं I लगाने के 3-4 महीने में हम इसकी पहली कटाई कर सकते हैं, और उसके बाद प्रत्येक 3-3 महीने बाद इसकी कटाई की जा सकती है,  इस प्रकार एक वर्ष में हम चार बार इसकी कटाई कर सकते हैं । 

पैदावार और लाभ:

प्रत्येक कटाई से एक हैक्टेयर खेत से 2500-2700 किलो पत्तियाँ प्राप्त की जा सकती हैं l अगर हम एक वर्ष में चार बार कटाई करते हैं तो एक हैक्टेयर से एक वर्ष में करीब 100 कुंतल पत्तियाँ प्राप्त हो सकती हैं l

वर्तमान समय में इसकी पत्तियों का थोक भाव 150-250₹ किलो तक है l यदि हम 100 कुंतल पत्तियाँ 150₹ किलो के भाव से बेच पाते हैं तो 1500000 ₹ तक का मुनाफा हम एक हैक्टेयर खेत से एक वर्ष में कमा सकते हैं l

आवश्यक जानकारी:

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इसकी खेती पर सब्सिडी का भी प्रावधान है,  तो आप इसकी खेती से पहले अपने राज्य में मिलने वाली सब्सिडी आदि की जानकारी कृषि विभाग में जाकर पता कर लें और साथ ही अपने कृषि अधिकारी से इसकी खेती, प्रजाति आदि के सम्बंध में भी सम्पूर्ण जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। 

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