कैसे करें वेस्ट डिकम्पोज़र के माध्यम से गेहूँ की जैविक खेती

organic wheat farming

आज यहाँ जानेंगे कि कैसे हम बिना किसी रासायनिक उर्वरक, खाद और दवा आदि के वेस्ट डिकम्पोज़र(WDC) के द्वारा जैविक गेहूँ की फसल की पैदावार कर सकते हैं जिससे हमारी फसल अच्छी होने के साथ साथ पैदावार भी भरपूर आए ।

ऐसे करें अपना खेत तैयार:

जब आप गेहूँ की तैयारी के लिए अपने खेत में पानी चलायें तो उसके साथ आपको WDC भी अपने खेत में चलाना है और इसकी जो मात्रा आपको लेनी है वो कम से कम 1000 लीटर प्रति एकड़ होनी चाहिए । परंतु अगर आप बहुत समय से WDC का प्रयोग कर रहे हैं तो इसकी मात्रा को थोड़ा कम भी लेंगे तो भी कोई समस्या नहीं, लेकिन जो किसान WDC का प्रथम प्रयोग कर रहे हैं उनको 1000 लीटर/एकड़ सिंचाई के साथ चलाने की सलाह दी जाती है। 

जब आपका खेत ट्रैक्टर से जुताई के लिए तैयार हो तो उसमें आप गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट (जो भी उपलब्ध हो) उसको फैला कर खेत को तैयार कर लें I

अगर आपके पास गोबर खाद और वर्मीकम्पोस्ट में से कुछ भी उपलब्ध नहीं है तो भी आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है I इसके विकल्प के लिए हमें दो चीजों की ज़रूरत है WDC ओर बोन मील यानि हड्डी का चूर्ण I  

1 एकड़ खेत के लिए हमें 100 लीटर WDC लेना है और 4 किलो बोन मील I बोन मील को किसी पंसारी की दुकान से प्राप्त किया जा सकता है I बोन मील में फौसफोरस की अच्छी मात्रा उपलब्ध होती है जिस कारण ये हमारे खेत में लगने वाली DAP का सबसे उत्तम विकल्प है I

हमें 4 किलो बोन मील को 100 लीटर WDC में डाल कर 20-21 दिन रखना है और उसके बाद आप इसको अपने खेत में सिंचाई के माध्यम से, ड्रिप द्वारा, स्प्रिंकलर द्वारा या फिर छिड़काव के माध्यम से दे सकते हैं। 

ऐसे करें बीज शोधन/उपचार 

गेहूँ के बीज को छाया में किसी प्लास्टिक की पन्नी या पाल आदि पर फैला कर बहुत पतली परत बना लीजिये जिससे एक एक दाना अलग हो जाये I अब छिड़काव करने वाली टंकी में WDC भर कर बीज पर अच्छे से छिड़काव कर दीजिये और इसको छाया में ही सूखने दीजिये I 

जब आपका बीज सूख जाये तो ये खेतों में बुवाई के लिए तैयार है, अब आप इसकी बुवाई कर दें I

बुवाई के बाद ये काम करते रहें 

जब आप गेहूँ की बुवाई से निवृत हो जायें तो अब आपको दो काम ध्यानपूर्वक करने हैं :

  1. आपको हर 8वे या 10वे दिन गेहूँ में WDC के छिड़काव का नियम से प्रयोग करना है , इसके लिए आप 20-25% WDC को पानी के साथ मिला कर छिड़काव करते रहें और महीने में एक बार WDC द्वारा बनाये गये माइक्रो न्यूट्रीयेन्ट का छिड़काव भी करें I 
  2.  आपको अपने गेहूँ में होने वाली हर सिंचाई के साथ WDC का प्रयोग करना है I प्रत्येक सिंचाई के साथ आप 800-1000 लीटर/एकड़ के हिसाब से WDC को अपने खेत की गेहूँ की फसल में देते रहें

किसी अन्य उर्वरक आदि की आवश्यकता नहीं :

इतना करने के पश्चात आपको किसी प्रकार के अन्य उर्वरक या दवा आदि की आवश्यकता नहीं होगी और जब आपकी फसल तैयार हो जाएगी आप देखेंगे कि आपके गेहूँ के दाने में चमक अन्य की तुलना में अधिक होगी और आपकी पैदावार पर भी कोई प्रभाव नहीं होगा Iअगर आप ऊपर बतायी गयी विधि द्वारा जैविक गेहूँ की खेती करते हैं तो आपके रसायनों में खर्च होने वाले पैसे की बचत तो होगी ही साथ ही आपको जैविक गेहूँ का भाव भी अधिक मिलेगा ।

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